सूर्यदेव

सात घोड़े पे सवार,
पहने किरणों के हार,
आइये सूर्यदेव ज़ल्दी आईये आज,
आइये सूर्यदेव ज़ल्दी आईये आज!


इतने दिनों से जो प्यासी हैं व्रती आई हैं,
अपने पति और बच्चे भी संग लायीं हैं,
आ जाइये जल्दी से, न देर लगाइये आज,
आइये सूर्यदेव रखिये भगतों की लाज,
आइये सूर्यदेव जल्दी आईये आज!


हमने फलों और फूलों से सजा दी है घाट,
देखूं अर्घ्य ले के हाथों में कब से तरी बाट,
हम सब भक्तों के प्रभुजी, पूरण कीजिये काज
आइये सूर्यदेव अर्घ्य लीजै महाराज,
आइये सूर्यदेव ज़ल्दी आईये आज!

सात घोड़े पे सवार,
पहने किरणों के हार,
आइये सूर्यदेव ज़ल्दी आईये आज,
आइये सूर्यदेव ज़ल्दी आईये आज!

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