फिर आना माँ



जिम्मेदारियों का बोझ फ़िर से दूना हो गया,
माँ चली गयीं, अपना शहर सूना हो गया !

अपने बच्चों को ना भुलाना माँ,
अगले बरस जल्दी आना माँ !!

-आशुतोष कुमार  

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