कैसा कराटे

मेरे दोस्त विनय प्रकाश
सुबह सुबह पहुँचे मेरे पास

बोले तुम हो कराटे के ज्ञाता
मुझे तो पंच चलाना भी नहीं आता

मुझे भी तुम कुछ सिखला दो ना
कैसे भी हो ब्लैक बेल्ट दिलवा दो ना

पैसा जो लगे मैं दे सकता हूँ
हौसला इतना बुलंद मैं रखता हूँ!

मैंने कहा पैसे पर सब कि नीयत ललचायी
पर मेरे पास नहीं ऐसे सेन्साई

सीखना है तो पुरुषार्थ कर सीखो
निरंतर अभ्यास कर सीखो

कंडीशनिंग करो बुंकाई करो साथ में करो काता
फिर देखो प्रैक्टिस मैं कैसा मजा है आता!

यह तो भारत की पुरानी युद्ध शैली थी
जो बाद में चीन जापान में फैली थी

चलो खूब मेह्नत करे पसीना बहाएं
स्वस्थ्य और मजबूत समाज बनाये

इस कला को फिर घर घर पहुँचाये
भारत की खोयी कला वापस ले आयें !!

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